बिजली क्षेत्र में बड़े सुधार की तैयारी, ‘मल्टीपल लाइसेंसी’ मॉडल पर केंद्र सरकार का मंथन
- By Gaurav --
- Friday, 24 Jul, 2026
Centre Discusses Major Power Sector
देश के बिजली वितरण क्षेत्र में व्यापक सुधारों की दिशा में केंद्र सरकार ने अहम पहल शुरू की है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में ऊर्जा मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में प्रारूप बिजली (संशोधन) विधेयक-2025, राष्ट्रीय बिजली नीति-2026 और बिजली वितरण व्यवस्था में प्रस्तावित सुधारों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने बिजली क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझाव और अनुभव साझा किए। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। इसके लिए वितरण व्यवस्था में समयानुकूल बदलाव आवश्यक हैं।
बैठक में प्रस्तावित ‘शेयर्ड नेटवर्क, मल्टीपल लाइसेंसी’ मॉडल पर विशेष चर्चा हुई। इस व्यवस्था के तहत किसी क्षेत्र में मौजूदा बिजली वितरण नेटवर्क साझा रहेगा, लेकिन उसी नेटवर्क पर एक से अधिक लाइसेंसधारी कंपनियां उपभोक्ताओं को सेवाएं दे सकेंगी। सरकार का मानना है कि इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प मिलेंगे।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित सुधारों का सबसे बड़ा लाभ आम उपभोक्ताओं को मिलेगा। सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिसमें पारदर्शी बिलिंग, समय पर बिजली आपूर्ति, प्रभावी शिकायत निवारण और बेहतर ग्राहक सेवाएं सुनिश्चित हों। उन्होंने कहा कि बिजली वितरण तंत्र को अधिक जवाबदेह, आधुनिक और उपभोक्ता-केंद्रित बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में राष्ट्रीय बिजली नीति-2026 के मसौदे पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसमें बढ़ती ऊर्जा मांग को ध्यान में रखते हुए वितरण प्रणाली को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, डिजिटल तकनीकों को बढ़ावा देने और दीर्घकालिक सुधारों पर जोर दिया गया।
संसदीय समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि सुधारों को लागू करते समय राज्यों की भूमिका, वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति, सेवा गुणवत्ता और उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही नई व्यवस्था लागू करने से पहले सभी हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सांसदों के सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित बिजली (संशोधन) विधेयक-2025 और राष्ट्रीय बिजली नीति-2026 देश के बिजली क्षेत्र को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, दक्ष और उपभोक्ता हितैषी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।